peperonity.net
Welcome, guest. You are not logged in.
Log in or join for free!
 
Stay logged in
Forgot login details?

Login
Stay logged in

For free!
Get started!

Mobile Blog


rashisachan.peperonity.net

when my real bf saifi brake my seal

02.04.2014 08:38 EDT
आखिरकार मुझे उस बिस्तर पर आना ही पड़ा। देह, दीवाल की तरफ सिमटती रही। दीवाल से सटी देह को सैफी ने अपनी सीने तक खींच लिया। उसने मेरी दोनों हथेलियां कस कर दबोच ली ताकि मै अपने को छुड़ा ना सकूं। वैसे भी छुड़ाकर मै जाती भी कहां? अब तो मेरे लिए जाने की कोई और जगह भी नहीं थी। सैफी के पास आने के लिए मै अपने को तैयार कर रही थी- सैफी मेरा बॉय फ्रेंड है।बॉय फ्रेंड के साथ बिस्तर पे लेटने का यह मौका मुझे रोमांचित कर रहा था । अब मै १ ६ साल की खिलती लड़की थी । अन्य सभी लड़कियां जब बॉय फ्रेंड के साथ सो सकती हैं तो मै क्यों नही।

वैसे भी, सेक्स के स्वाद का पाने की चाह, अब मेरे मन में भी गुपचुप जागने लगी थी। सैफी मुझे पूरी तरह पाना चाहता था। मै तो अपने समूचे मन प्राण से उसे अपना सबकुछ दिए बैठी थी। हां सिर्फ मेरी देह ही, घोंघे की तरह सिमटी-सिकुड़ी रहती थी। अपनी सारी लाज-शर्म, खौफ तोड़ा डालने का वक्त क्या अभी नहीं आया? अगर आज अपनी सिमटी हुई देह उन्मुक्त न कर दूं, अगर आज सारी बेड़ियां तोड़कर अपनी देह अर्पित न कर दूं, अगर आज अपने जिन्दगी के प्यार को वंचित रखूं, तो यह अपने को ही वंचित रखना होगा।सैफी की मांग कहीं से भी अन्यायपूर्ण नहीं है। बॉय फ्रेंड के आगे अपने को समिर्पत कर देना कहीं से भी गुनाह नहीं है। जो कुछ बचा-खुचा है, वह किसी न किसी दिन तो मुझे सब कुछ देना ही होगा, तब आज ही क्यों नही? सैफी ने मुझे चूम लिया। होंठों पर गहरा सा चुंबन!

उसके चुंबन से अपने को छुड़ाते हुए मैने उसे याद दिलाया, 'बत्ती जल रही है!' सैफी ने बत्ती बुझा दी! अंधेरे कमरे में उसने मेरी मंदी हुई पलकें, सूखे हुए होंठ टुड्डियों की सलवटों को अपने प्यार से नम कर दिया! मेरी शर्ट के बटन खोलकर, उसने मेरे उभारों में अपना चेहरा गड़ा दिया। मेरे स्तनों की घुंडियों को उसने अपने होठों से सिर्फ भिंगोया ही नहीं, दांतों से काटता-बकोटता भी रहा। अपनी दोनों मुटि्ठियों में वह मेरा वक्ष इतना कसकर दबाता-मसलता रहा मानों, उन्हें पीसकर, बिल्कुल पानी बनाकर पी जाएगा।

सैफी मेरी स्कर्ट उघाड़ने में लगा रहा और न चाहते हुए भी मेरे दोनों हाथ उसे रोकते रहे। सैफी मेरी देह पर चढ़ गया। न चाहते हुए भी मेरे हाथ उसे उतार देने की कोशिश करते रहे। उसके बाद फिर-पिफर वही तरीका! अपने दोनों पांवों से वह मेरे दोनों पैर चौड़े करने के लिए जूझता रहा। मैने कसकर अपनी आंखें मूंद ली, मानो मेरी आंखे खुल न जाएं, ...
Next part ►


This page:




Help/FAQ | Terms | Imprint
Home People Pictures Videos Sites Blogs Chat
Top
.