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]¦•¦[Inspiration two Liner Shayari]¦•¦[

हवा से कह दो कि खुद को आजमा के दिखाए,
बहुत चिराग बुझा ली है एक जला के दिखाए|
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उमर भर बोझ उठाया उस कील ने और,
लोग तारीफ तस्वीर की करते हैँ|
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हम तो नरम पत्तोँ की शाख हुआ करते थे,
छीले इतने गये कि खंजर हो गये|
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जब महसूस हो कि सारा शहर तुमसे जलने लगा है,
समझ लेना तुम्हारा नाम चलने लगा है|
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कितना अजीब है दुनिया का दस्तूर,
लोग इतनी जल्दी बात नही मानते जितनी जल्दी बुरा मान जाते हैँ|
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भरे बाजार से अकसर मै खाली हाथ लौट आता हूं,
कभी ख्वाहिश नही होती, कभी पैसे नही होते|
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यदि कोई आपकी गलती आपके मुह पर कहने की ताकत रखता है, तो उससे अच्छा दोस्त कोई और नही हो सकता|
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मालूम है हमेँ भी बहुत से तेरे किस्से पर,
बात तेरी हमसे उछाली नही जाती|
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बहुत कमिया निकालने लगे हैँ हम दूसरोँ मेँ,
आओ एक मुलाकात जरा आईने से भी कर ले|
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मेरी जिँदगी इतनी प्यारी भी नही दोस्तोँ कि मै मौत से डरुँ|
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अजीब सी बस्ती मेँ ठिकाना है मेरा,
जहाँ लोग मिलते कम झाकते ज्यादा हैँ|
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जिँदगी मेरे कानोँ मेँ अभी हौले से कुछ कह गयी,
उन रिश्तोँ को सम्भाले रखना जिनके बिना गुजारा नही होता|
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मैने भी बदल दिए अपनी जिँदगी के वसूल,
अब जो याद करेगा वो याद रहेगा|
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बे-मतलब की दुनिया का किस्सा ही खत्म,
अब जिस तरह की दुनिया उस तरह के हम|
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मुझे चाहने वालोँ की तादात बढ़ती जा रही है,
मुझसे नफरत करने वालोँ अपनी दुवाओँ मेँ थोड़ा असर लाओ|
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एहसास सबको होता है मगर,
कोई महसूस करता है तो कोई समझ नही पाता|
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हम तो बिखरे थे सूखे पत्ते की तरह,
किसी ने समेटा भी तो सिर्फ जलाने के लिए|
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भीड़ मेँ खड़ा होना मकसद नही है मेरा,
जिसके लिए भीड़ खड़ी है मुझे वो बनना है|
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खुशियाँ तकदीर मेँ होनी चाहिए,
तस्वीर मेँ तो हरकोई मुस्कूराता है|
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खोये हुये हम खुद हैँ और ढूढ़ते भगवान को हैँ|
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अहंकार दिखा के किसी रिश्ते को तोड़ने से अच्छा है कि,
माफी मांगकर वो रिश्ता निभाया जाए|
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हर नयी चीज अच्छी होती है लेकिन,
दोस्त पुराने ही अच्छे होते है|
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बचपन भी कमाल का था,
खेलते..खेलते चाहे छत पर सोये या जमीन पर,
आँख बिस्तर पर ही खुलती थी|
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जिस घाव से खून नही निकलता,
समझ लेना वो जख्म किसी अपने ने ही दिया है|
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अमीर की बेटी पार्लर मे जितना दे आती है,
उतने मेँ गरीब की बेटी अपने ससुराल चली जाती है |
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शाम को थककर ...


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