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bahut bheed..
aloneprince007.peperonity.net

]¦•¦[two Liner Shayari]¦•¦[

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एक अरसे बाद कोई है जो मुझे चाहने लगी है,
अब उसे मेरी हर बात पर मुस्कान आने लगी है|
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मैँ अगर चाहूँ तो भी न लिख सकुँ उन लफ्जोँ को,
जिन्हे पढ़कर तुम समझ सको कि मुझे तुमसे कितनी मोहब्बत है|
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मेरा प्यार सच्चा था इसलिए तेरी याद आती है अगर,
तेरी बेवफाई भी सच्ची है तो अब मेरी यादोँ मेँ मत आना|
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मुझे भी सिखा दो भूल जाने का हुनर,
मुझसे रातोँ को उठ..उठकर रोया नही जाता|
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उसके चले जाने के बाद हम मोहब्बत नही करते किसी से,
छोटी सी जिँदगी है किस..किस को आजमाते रहेँगे|
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बड़ी खामोशी से भेजा था गुलाब उसको पर,
खुशबू ने सारे शहर मेँ हंगामा कर दिया|
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मेरी तनहाई को मेरा शौक मत समझो,
यह तनहाई भी किसी का दिया हुआ तोहफा है|
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लेकर जंजीर हाथोँ मेँ कुछ लोग तुम्हारी ताक मेँ हैँ,
इश्क हमारी गलियोँ मेँ, अब और न फिरो तो अच्छा है|
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अब तो सब दोस्त भी मुझसे शायरी लिखने का कारण पूछते हैँ,
लौट आओ क्योँकि अब मुझसे और झूठ बोला नही जाता|
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हमेशा के लिए मुझे चुराकर रख लो अपने दिल के पास,
कोई पूछे तो कह देना दिल है मेरा|
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मत सोना किसी के कंधे पर सर रखकर ऐ दोस्त क्योँकि,
जब वो बिछड़ता है तो फिर मखमल के तकिए पर भी नीँद नही आती|
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दिलोँ जान से ज्यादा करेँगे हिफाजत उसकी,
बस एक बार वो देखकर कह दे मै अमानत हूं तेरी|
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और तो कुछ नही चाहिए मुझे तुझसे ऐ जिँदगी,
बस वो शख्स लौटा दे जो मुझे तुझसे भी प्यारा है|
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काश कि वो लौट आए मुझसे ये कहने कि,
तुम कौन होते हो मुझसे बिछड़ने वाले|
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डरता हूं कहने से पसंद हो तुम मुझको,
मेरी जिँदगी बदल देगा तेरा इनकार भी और तेरा इकरार भी|
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मेरी जिँदगी का खेल शतरंज से भी मजेदार है,
हारा भी तो किससे अपनी ही रानी से|
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किस तरह खत्म करेँ उनसे रिश्ता जिन्हे,
सिर्फ सोचते ही कायनात भूल जाते हैँ|
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फिर से तेरी यादेँ मेरे दिल के दरवाजे पर खड़ी है,
वही मौसम, वही सर्दी और वही दिलकश नजारे हैँ|
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तुम्हारे सीने से लगकर बस यही एहसास होता है कि,
जैसे सारी दुनिया सिमट गयी हो इन बाहोँ मेँ|
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सच्ची मोहब्बत का असर मेरा दिल ही जानता है क्योँकि,
मुझे जीने के लिए सासोँ की नही, उनके दीदार की जरुरत होती है|
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वो रोज देखते हैँ डूबते हुए सूरज को,
काश मै भी किसी शाम का मंजर होता|
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हमारे जाने के बाद ये समंदर की रेत भी ...


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