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rose whitebeauty
aloneprince007.peperonity.net

]¦•¦[Four Liner Shayari]¦•¦[

नाम दिल से मेरा कैसे मिटाया होगा,
मुश्किल से मुझे उसने कैसे भुलाया होगा,
आग लगाई होगी जब मेरी तस्वीर को उसने,
साथ मेँ दिल अपना भी जलाया होगा|
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अपने ही शहर के लोग सताने लगे,
अपनी महफिल से उठकर जाने लगे,
जब भी इजहार..ए..जज्बात करना चाहा मैने,
लोग अपना..अपना दर्द सुनाने लगे|
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प्यार उससे इस कदर करता चला जाऊँ,
वो जख्म दे और मै भरता चला जाऊँ,
उसकी जिद है कि वो मुझे मार ही डाले तो,
मेरी भी जिद है कि उसपे मरता चला जाऊँ|
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चाँद सा चेहरा देखने की इजाजत दे दो,
मुझे यह शाम सजाने की इजाजत दे दो,
मुझे कैद कर लो अपने इश्क मेँ या फिर,
मुझे इश्क करने की इजाजत दे दो|
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दिन बीत जाते हैँ सुहानी यादेँ बनकर,
बातेँ रह जाती हैँ बस एक कहानी बनकर पर,
प्यार तो हमेशा दिल के करीब रहेगा,
कभी मुस्कान तो कभी आखोँ मेँ पानी बनकर|
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अंजान इस साथी का इस दिल को इंतजार है,
प्यासी हैँ ये आँखेँ और दिल बेकरार है,
उनका साथ मिल जाए तो हर राह आसान हो जाए,
शायद इसी का नाम प्यार है|
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तू खुदा है मेरा, मेरा ईमान है.
इश्क करना तेरा, मुझ पर एहसान है.
तू सुबह का उजाला मेरे वास्ते,
तू मेरे वास्ते दिलनशीँ शाम है.
तेरे दिल मे ठिकाना रहे उम्र भर,
फिर किसी आशियाने की परवाह नही,
ऐ मेरी जिँदगी तू मेरे साथ है|
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जहर पीकर दवा से डरते हैँ,
गुनाह करके सजा से डरते हैँ,
हमको खौफ नही जमाने का,
हम तो आपकी नाराजगी से डरते हैँ|
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आपसे मिले एक जमाना हो गया,
ऐसा लगता है अपना कोई बेगाना हो गया,
आप तो चले गये हमसे दूर मगर,
मुश्किल इस दिल को समझाना हो गया|
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कौन किसे अपने दिल मेँ जगह देता है,
पेड़ भी सूखे पत्ते गिरा देते हैँ,
वाकिफ हैँ हम दुनिया के रिवाजोँ से,
जान चली जाए तो कोई अपना ही जला देता है|
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हवा बदल रही है फिजाओँ की,
रिश्तोँ मेँ उम्मीद की गर्माहट आनी शुरू हो गयी है,
दिन कम होते जा रहे हैँ और,
दिल मेँ थोड़ी उमंगे जागनी शुरू हो गयी है|
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सुकून मिल गया आज मुझे तेरे इश्क मेँ बदनाम होकर,
तेरे हर इक इल्जाम पे यूं बेजुबान होकर,
लोग खुद ही पढ़ लेँगे तेरी आँखोँ मेँ मेरी मोहब्बत,
चाहे कितना भी कर ले तू इंकार अंजान होकर|
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रिश्तोँ से बड़ी चाहत क्या होगी,
दोस्तोँ से बड़ी इबादत क्या होगी,
जिसे दोस्त मिले आपके जैसा,
उसे जिँदगी से शिकायत क्या होगी|
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