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पुरानी खबरेँ

ग्वार वायदा शुरु होने के आसार कम
18 Jul 2012
मुंबई। फिलहाल ग्वारवायदा में दोबारा कारोबार शुरु नहीं हो सकता। सीएनबीसी आवाज़ की एक्सक्लूसिव खबर के मुताबिक एक्सपोर्टरों के एतराज पर पीएमओ और कॉमर्स मंत्रालय ने कंज्यूमर अफेयर्स मंत्रालय को दोबारा जांच करने के सुझाव दिए है।

ग्वार गम में फ्यूचर ट्रेडिंग की शुरु होने की संभावना फिलहाल नहीं है। पिछले दिनों में इसकी कीमतों में जोरदार बढ़ोतरी के बाद सरकार ने पूरे मामले की जांच एक एक्सपर्ट कमिटी को सौंप दी है। जो यह पता लगाएगी कि ग्वार गम के दाम फ्यूचर ट्रेडिंग की वजह से बढ़े थे या फिर नहीं।

ग्वार गम की फ्यूचर ट्रेडिंग सरकार क्यों शुरु होने देना नहीं चाहती है ?

दरअसल, इसके पीछे वजहयह है कि पिछले दिनोंग्वार गम की कीमतों में जोरदार बढ़ोतरी हुई थी और इसके बाद मार्च में ग्वार गम के वायदा कारोबार पर पाबंदी लगा दी गई। लेकिन फिर से खबरें आने लगी कि ग्वार गम का वायदा कारोबार दोबारा शुरु हो सकता है। इस खबर आने के तुरंत बाद ग्वार गम के एक्सपोर्टरों ने तुरंत इसके खिलाफ आवाज उठाना शुरु किया। पहले उन्होंनेकंज्यूमर अफेयर मंत्री के वी थॉमस सेमुलाकात की और इस बातकी मांग की कि ग्वार गम का वायदा कारोबार दोबारा न शुरु किया जाए। उसके बाद उन्होंने वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की। समझा जा रहा है उनकी मुलाकात पीएमओ से भी हुई है। इन तमाम मुलाकातों के दौरान खास तौर पर वाणिज्य मंत्रालय औरपीएमओ की तरफ से संकेत जरुर आए कि इस पर दोबारा से विचार किया जाए कि जिस तरह से ग्वार गम की कीमतें पिछले दिनों बढ़ी थी। 1 नवंबर 2011 से 27 मार्च 2012 यानी सिर्फ चार महीनों में इसकी कीमतें 429 फीसदी तक बढ़ गई थी। कीमतें बढ़ी थी इसलिए वाणिज्य मंत्रालय कोशंका है कि ग्वार गम के जो विदेशों में खरीदार है। जो यहां से ग्वार गम लेकर जाते है। वह लंबे समयतक भारत पर भरोसा नहीं रखे और दूसरे देश के साथ चले जाए। इससे लंबे समय तक भारत को नुकसान हो सकता है। यही वजह है कि वाणिज्य मंत्रालयइसके पक्ष में है कि इसकी जांच की जाए। साथ ही पीएमओ की तरफ से भी इशारा हुआ है। अंतिम में पूरे मामले की जांच कंज्यूमर अफेयर मंत्रालय कर रहा है। इसने यह साफ कर दिया है कि पूर मामले की जांच एफएमसी को सौंपी जाएगी और एफएमसी को सौंप दी गईहै। एफएमसी इस मामले की दोबारा ...
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